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कॉपर यौगिकों का पुनरीक्षण मार्गदर्शिका
By Periodic Table India
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कॉपर यौगिक: पुनरीक्षण मार्गदर्शिका
कॉपर के प्रमुख यौगिकों का परिचय
कॉपर (Cu) एक संक्रमण धातु है जो आमतौर पर +1 (क्यूप्रस) और +2 (क्यूप्रिक) ऑक्सीकरण अवस्थाओं में पाई जाती है। उच्च विद्यालय रसायन विज्ञान में, कॉपर के अधिकांश महत्वपूर्ण यौगिक अधिक स्थिर +2 ऑक्सीकरण अवस्था से प्राप्त होते हैं। ये यौगिक विभिन्न औद्योगिक, कृषि और विश्लेषणात्मक अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO)
- रासायनिक सूत्र: CuO
- सामान्य नाम: क्यूप्रिक ऑक्साइड, काला कॉपर ऑक्साइड
- प्रयोगशाला में निर्माण:
- कॉपर धातु से: हवा या ऑक्सीजन की उपस्थिति में कॉपर धातु को गर्म करना।
2Cu (s) + O₂ (g) → 2CuO (s) - कॉपर(II) नाइट्रेट से: कॉपर(II) नाइट्रेट का ऊष्मीय अपघटन।
2Cu(NO₃)₂ (s) → 2CuO (s) + 4NO₂ (g) + O₂ (g) - कॉपर(II) हाइड्रोक्साइड या कार्बोनेट से: कॉपर(II) हाइड्रोक्साइड या कॉपर(II) कार्बोनेट का ऊष्मीय अपघटन।
Cu(OH)₂ (s) → CuO (s) + H₂O (g) CuCO₃ (s) → CuO (s) + CO₂ (g)
- कॉपर धातु से: हवा या ऑक्सीजन की उपस्थिति में कॉपर धातु को गर्म करना।
- गुणधर्म और परीक्षा-संबंधित अभिक्रियाएँ:
- भौतिक: काला ठोस, पानी में अघुलनशील।
- प्रकृति: क्षारीय ऑक्साइड, लेकिन सांद्र प्रबल क्षारकों के साथ थोड़ा उभयधर्मी गुण दर्शाता है।
- अम्लों के साथ अभिक्रिया: अम्लों के साथ अभिक्रिया करके संबंधित कॉपर(II) लवण और पानी बनाता है।
CuO (s) + H₂SO₄ (aq) → CuSO₄ (aq) + H₂O (l) CuO (s) + 2HCl (aq) → CuCl₂ (aq) + H₂O (l) - सांद्र क्षारकों के साथ अभिक्रिया:
CuO (s) + 2NaOH (aq) + H₂O (l) → Na₂[Cu(OH)₄] (aq) (सोडियम टेट्राहाइड्रॉक्सोक्यूप्रेट(II)) - अपचयन: उच्च तापमान पर हाइड्रोजन, कार्बन या कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे अपचायकों द्वारा धात्विक कॉपर में अपचयित होता है।
CuO (s) + H₂ (g) → Cu (s) + H₂O (g) CuO (s) + C (s) → Cu (s) + CO (g) CuO (s) + CO (g) → Cu (s) + CO₂ (g)
कॉपर(II) सल्फेट पेंटाहाइड्रेट (CuSO₄·5H₂O)
- रासायनिक सूत्र: CuSO₄·5H₂O (जलयोजित रूप), CuSO₄ (निर्जल रूप)
- सामान्य नाम: ब्लू विट्रियोल (पेंटाहाइड्रेट के लिए)
- निर्माण प्रक्रिया:
- कॉपर धातु से: कॉपर की गर्म, सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया।
Cu (s) + 2H₂SO₄ (conc.) → CuSO₄ (aq) + SO₂ (g) + 2H₂O (l) - कॉपर(II) ऑक्साइड/हाइड्रोक्साइड/कार्बोनेट से: तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया।
CuO (s) + H₂SO₄ (dil.) → CuSO₄ (aq) + H₂O (l) Cu(OH)₂ (s) + H₂SO₄ (dil.) → CuSO₄ (aq) + 2H₂O (l) CuCO₃ (s) + H₂SO₄ (dil.) → CuSO₄ (aq) + H₂O (l) + CO₂ (g)
- कॉपर धातु से: कॉपर की गर्म, सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया।
- गुणधर्म और परीक्षा-संबंधित अभिक्रियाएँ:
- भौतिक: नीला क्रिस्टलीय ठोस (पेंटाहाइड्रेट), पानी में आसानी से घुलनशील। निर्जल CuSO₄ सफेद होता है।
- निर्जलीकरण/उत्फुल्लन: गर्म करने पर क्रिस्टलन जल खो देता है, जिससे रंग नीले से सफेद हो जाता है।
CuSO₄·5H₂O (s) <div className="text-sm"><sup>100°C</sup></div> → CuSO₄·H₂O (s) + 4H₂O (g) CuSO₄·H₂O (s) <div className="text-sm"><sup>200°C</sup></div> → CuSO₄ (s) + H₂O (g) - जल-अपघटन: Cu²⁺ आयन के जल-अपघटन के कारण विलयन अम्लीय होते हैं।
Cu²⁺ (aq) + 2H₂O (l) ⇌ Cu(OH)₂ (s) + 2H⁺ (aq) - क्षारकों के साथ अभिक्रिया: कॉपर(II) हाइड्रोक्साइड का हल्का नीला अवक्षेप बनाता है।
CuSO₄ (aq) + 2NaOH (aq) → Cu(OH)₂ (s) ↓ + Na₂SO₄ (aq) CuSO₄ (aq) + 2NH₄OH (aq) → Cu(OH)₂ (s) ↓ + (NH₄)₂SO₄ (aq) - अमोनिया विलयन की अधिकता के साथ अभिक्रिया: प्रारंभिक रूप से बना Cu(OH)₂ घुल कर एक गहरा नीला घुलनशील संकुल, टेट्राअमाइनकॉपर(II) आयन बनाता है।
या सीधे CuSO₄ विलयन से अमोनिया की अधिकता के साथ:Cu(OH)₂ (s) + 4NH₃ (aq) → [Cu(NH₃)₄]²⁺ (aq) + 2OH⁻ (aq)CuSO₄ (aq) + 4NH₃ (aq) → [Cu(NH₃)₄]SO₄ (aq) - विस्थापन अभिक्रियाएँ: अधिक सक्रिय धातुएँ (जैसे Fe, Zn) अपने विलयन से कॉपर को विस्थापित करती हैं।
Fe (s) + CuSO₄ (aq) → FeSO₄ (aq) + Cu (s) Zn (s) + CuSO₄ (aq) → ZnSO₄ (aq) + Cu (s)
कॉपर(II) हाइड्रोक्साइड (Cu(OH)₂)
- रासायनिक सूत्र: Cu(OH)₂
- सामान्य नाम: क्यूप्रिक हाइड्रोक्साइड
- निर्माण प्रक्रिया:
- कॉपर(II) लवण विलयन से: कॉपर(II) लवण के जलीय विलयन में घुलनशील क्षारक (जैसे सोडियम हाइड्रोक्साइड, अमोनियम हाइड्रोक्साइड) मिलाकर अवक्षेपण।
CuSO₄ (aq) + 2NaOH (aq) → Cu(OH)₂ (s) ↓ + Na₂SO₄ (aq) CuCl₂ (aq) + 2NH₄OH (aq) → Cu(OH)₂ (s) ↓ + 2NH₄Cl (aq)
- कॉपर(II) लवण विलयन से: कॉपर(II) लवण के जलीय विलयन में घुलनशील क्षारक (जैसे सोडियम हाइड्रोक्साइड, अमोनियम हाइड्रोक्साइड) मिलाकर अवक्षेपण।
- गुणधर्म और परीक्षा-संबंधित अभिक्रियाएँ:
- भौतिक: हल्का नीला, जिलेटिनस अवक्षेप, पानी में अघुलनशील।
- ऊष्मीय अपघटन: हल्की गर्म करने पर आसानी से काले कॉपर(II) ऑक्साइड और पानी में अपघटित हो जाता है।
Cu(OH)₂ (s) → CuO (s) + H₂O (g) - उभयधर्मी प्रकृति:
- अम्लों के साथ अभिक्रिया (क्षारीय गुण):
Cu(OH)₂ (s) + H₂SO₄ (aq) → CuSO₄ (aq) + 2H₂O (l) Cu(OH)₂ (s) + 2HCl (aq) → CuCl₂ (aq) + 2H₂O (l) - सांद्र प्रबल क्षारकों के साथ अभिक्रिया (अम्लीय गुण): एक घुलनशील संकुल बनाता है।
Cu(OH)₂ (s) + 2NaOH (aq) → Na₂[Cu(OH)₄] (aq)
- अम्लों के साथ अभिक्रिया (क्षारीय गुण):
- अमोनिया विलयन की अधिकता के साथ अभिक्रिया: गहरा नीला घुलनशील टेट्राअमाइनकॉपर(II) संकुल बनाता है।
Cu(OH)₂ (s) + 4NH₃ (aq) → [Cu(NH₃)₄]²⁺ (aq) + 2OH⁻ (aq)
कॉपर(II) कार्बोनेट (CuCO₃)
- रासायनिक सूत्र: CuCO₃ (ध्यान दें: शुद्ध CuCO₃ अस्थिर होता है। अक्सर यह मूल कॉपर कार्बोनेट के रूप में पाया जाता है, जैसे मैलाकाइट Cu₂(OH)₂CO₃)
- सामान्य नाम: क्यूप्रिक कार्बोनेट
- संक्षिप्त मार्गदर्शिका:
- निर्माण: जबकि शुद्ध CuCO₃ का सीधा अवक्षेपण चुनौतीपूर्ण है, इसे सैद्धांतिक रूप से कॉपर(II) लवण विलयन में एक घुलनशील कार्बोनेट मिलाकर बनाया जा सकता है। व्यवहार में, मूल कॉपर कार्बोनेट अधिक सामान्यतः बनते हैं।
CuSO₄ (aq) + Na₂CO₃ (aq) → CuCO₃ (s) ↓ + Na₂SO₄ (aq) - गुणधर्म: हरा ठोस, पानी में अघुलनशील।
- ऊष्मीय अपघटन: गर्म करने पर काले कॉपर(II) ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस में अपघटित होता है।
CuCO₃ (s) → CuO (s) + CO₂ (g) - अम्लों के साथ अभिक्रिया: अम्लों के साथ अभिक्रिया करके कॉपर(II) लवण, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड गैस (बुदबुदाहट के साथ) उत्पन्न करता है।
CuCO₃ (s) + H₂SO₄ (aq) → CuSO₄ (aq) + H₂O (l) + CO₂ (g)
- निर्माण: जबकि शुद्ध CuCO₃ का सीधा अवक्षेपण चुनौतीपूर्ण है, इसे सैद्धांतिक रूप से कॉपर(II) लवण विलयन में एक घुलनशील कार्बोनेट मिलाकर बनाया जा सकता है। व्यवहार में, मूल कॉपर कार्बोनेट अधिक सामान्यतः बनते हैं।
प्रमुख कॉपर(II) यौगिकों के तुलनात्मक गुण
| गुणधर्म | कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO) | कॉपर(II) सल्फेट (CuSO₄·5H₂O) | कॉपर(II) हाइड्रोक्साइड (Cu(OH)₂) | कॉपर(II) कार्बोनेट (CuCO₃) |
|---|---|---|---|---|
| रंग | काला | नीला (जलयोजित), सफेद (निर्जल) | हल्का नीला अवक्षेप | हरा |
| पानी में घुलनशीलता | अघुलनशील | घुलनशील | अघुलनशील | अघुलनशील |
| प्रकृति (अम्ल/क्षार) | क्षारीय (उभयधर्मी) | लवण (विलयन अम्लीय होता है) | क्षारीय (उभयधर्मी) | क्षारीय |
| गर्मी का प्रभाव | स्थिर (अपचयित होता है) | निर्जलीकृत होता है, फिर अपघटित होता है | CuO + H₂O में अपघटित होता है | CuO + CO₂ में अपघटित होता है |
| तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया | Cu(II) लवण बनाता है | कोई अभिक्रिया नहीं (एक लवण है) | Cu(II) लवण बनाता है | Cu(II) लवण, CO₂ बनाता है |
| अतिरिक्त जलीय NH₃ के साथ अभिक्रिया | कोई अभिक्रिया नहीं | गहरा नीला संकुल बनाता है | गहरा नीला संकुल बनाता है | कोई अभिक्रिया नहीं |