सल्फर (S), ग्रुप 16 से संबंधित एक p-ब्लॉक तत्व है, जो -2 से +6 तक विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाने वाले कई यौगिक बनाता है। इसके यौगिक औद्योगिक प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय रसायन विज्ञान और जैविक प्रणालियों में महत्वपूर्ण हैं। उच्च विद्यालय रसायन विज्ञान के लिए, सबसे अधिक परीक्षण किए जाने वाले यौगिकों में इसके ऑक्साइड (जैसे सल्फर डाइऑक्साइड), ऑक्सीअम्ल (जैसे सल्फ्यूरिक अम्ल), और हाइड्राइड (जैसे हाइड्रोजन सल्फाइड) शामिल हैं।
सल्फर डाइऑक्साइड ({SO}2)
रासायनिक सूत्र
{SO}2
सामान्य नाम
सल्फर डाइऑक्साइड
प्रयोगशाला में तैयारी
सल्फर डाइऑक्साइड को आमतौर पर प्रयोगशाला में सल्फाइट या बाईसल्फाइट नमक पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की क्रिया द्वारा तैयार किया जाता है।
सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण संपर्क विधि (Contact Process) द्वारा किया जाता है, जिसमें कई चरण शामिल होते हैं:
सल्फर डाइऑक्साइड ({SO}2) का उत्पादन:
हवा में सल्फर को जलाने या सल्फाइड अयस्कों का भर्जन करके।
{S}({s})+{O}2({g})→{SO}2({g})
या
{4FeS}2({s})+{11O}2({g})→{2Fe}2{O}3({s})+{8SO}2({g})
{SO}2 का {SO}3 में उत्प्रेरक ऑक्सीकरण:
सल्फर डाइऑक्साइड को सल्फर ट्राईऑक्साइड ({SO}3) में वैनेडियम पेंटॉक्साइड ({V}2{O}5) उत्प्रेरक का उपयोग करके अनुकूल परिस्थितियों (450-500°C और 1.5-1.7 atm दबाव) में ऑक्सीकृत किया जाता है। यह चरण प्रतिवर्ती और ऊष्माक्षेपी है।
{2SO}2({g})+{O}2({g}){{V}2{O}5,450−500∘{C},1.5−1.7{atm}}{2SO}3({g})
सल्फ्यूरिक अम्ल में {SO}3 का अवशोषण:
अम्ल धूम (acid mist) के निर्माण को रोकने के लिए, {SO}3 को सांद्र {H}2{SO}4 में अवशोषित किया जाता है जिससे ओलियम (सधूम सल्फ्यूरिक अम्ल, {H}2{S}2{O}7) बनता है।
{SO}3({g})+{H}2{SO}4({conc})→{H}2{S}2{O}7({l})
ओलियम का तनुकरण:
वांछित सांद्रता का सल्फ्यूरिक अम्ल प्राप्त करने के लिए ओलियम को फिर पानी की एक परिकलित मात्रा से पतला किया जाता है।
{H}2{S}2{O}7({l})+{H}2{O}({l})→{2H}2{SO}4({aq})
गुणधर्म और परीक्षा-संबंधी अभिक्रियाएँ
भौतिक गुणधर्म
रंगहीन, सघन, तैलीय, श्यान द्रव।
अत्यधिक संक्षारक।
पानी के लिए तीव्र आत्मीयता (आर्द्रताग्राही)।
रासायनिक गुणधर्म
प्रबल अम्लीय प्रकृति:
यह एक प्रबल द्विप्रोटिक (द्विक्षारकीय) अम्ल है, जो दो चरणों में आयनित होता है:
{H}2{SO}4({aq})+{H}2{O}({l})⇌{H}3{O}+({aq})+{HSO}4−({aq}){HSO}4−({aq})+{H}2{O}({l})⇌{H}3{O}+({aq})+{SO}4{2−}({aq})
यह क्षारों, कार्बोनेटों और बाईकार्बोनेटों के साथ अभिक्रिया करता है:
{2NaOH}({aq})+{H}2{SO}4({aq})→{Na}2{SO}4({aq})+{2H}2{O}({l}){Na}2{CO}3({s})+{H}2{SO}4({dil})→{Na}2{SO}4({aq})+{H}2{O}({l})+{CO}2({g})
ऑक्सीकारक अभिकर्मक (सांद्र {H}2{SO}4):
गर्म, सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक अभिकर्मक है।
अधातुओं के साथ:
कार्बन को {CO}2 में और सल्फर को {SO}2 में ऑक्सीकृत करता है।
{C}({s})+{2H}2{SO}4({conc})→{CO}2({g})+{2SO}2({g})+{2H}2{O}({l}){S}({s})+{2H}2{SO}4({conc})→{3SO}2({g})+{2H}2{O}({l})
धातुओं के साथ:
मध्यम सक्रिय धातुओं (जैसे Cu, Zn) को उनके सल्फेटों में ऑक्सीकृत करता है।
{Cu}({s})+{2H}2{SO}4({conc})→{CuSO}4({aq})+{SO}2({g})+{2H}2{O}({l})ध्यान दें: ठंडा, तनु {H}2{SO}4 सक्रिय धातुओं (जैसे Zn, Mg, Fe) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है।{Zn}({s})+{H}2{SO}4({dil})→{ZnSO}4({aq})+{H}2({g})
निर्जलीकरण अभिकर्मक:
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल में पानी के प्रति तीव्र आत्मीयता होती है और यह विभिन्न यौगिकों से पानी निकाल सकता है।