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थूलियम (Tm): गुणधर्म, अभिक्रियाएँ और उपयोग

By Periodic Table India
CBSE / JEE Prep Notes
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परिचय

थूलियम (Tm) एक दुर्लभ मृदा तत्व है, विशेष रूप से एक लैंथेनाइड, जो अन्य सामग्रियों में डोप किए जाने पर अपने अद्वितीय प्रकाशीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसका प्राथमिक वास्तविक-विश्व महत्व उन्नत लेज़र प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से चिकित्सा और औद्योगिक क्षेत्रों में, और विशेष विकिरण स्रोतों में इसके अनुप्रयोगों से उत्पन्न होता है।

CBSE/JEE त्वरित पुनरीक्षण नोट्स

  • परमाणु संख्या (Z): 69
  • प्रतीक: Tm
  • परमाणु द्रव्यमान: 168.934 amu
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (मूल अवस्था): [Xe] 4f¹³ 6s²
  • सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था (संयोजकता): +3
  • समूह: मुख्य समूह संख्या निर्धारित नहीं है (f-ब्लॉक तत्व, लैंथेनाइड श्रृंखला)
  • आवर्त: 6
  • ब्लॉक: f-ब्लॉक
  • प्रकृति: नरम, आघातवर्धनीय, तन्य चांदी-भूरा धातु। ऑक्सीजन और पानी के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करता है।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और बंधन व्यवहार

थूलियम का मूल अवस्था इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Xe] 4f¹³ 6s² है। आंशिक रूप से भरे हुए 4f कक्षकों की उपस्थिति लैंथेनाइड्स की विशेषता है।

  • पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 1s² 2s² 2p⁶ 3s² 3p⁶ 3d¹⁰ 4s² 4p⁶ 4d¹⁰ 4f¹³ 5s² 5p⁶ 6s²
  • ऑक्सीकरण अवस्था: अधिकांश लैंथेनाइड्स की तरह, थूलियम के लिए सबसे स्थिर और सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था +3 है। यह अवस्था दो 6s इलेक्ट्रॉनों और एक 4f इलेक्ट्रॉन के नुकसान से प्राप्त होती है। यद्यपि +2 जैसी अन्य ऑक्सीकरण अवस्थाएँ मौजूद हैं, वे बहुत कम सामान्य हैं और आमतौर पर जलीय घोलों में कम स्थिर होती हैं।
  • बंध: अपेक्षाकृत बड़े आकार और कम वैद्युतऋणात्मकता के कारण, थूलियम मुख्य रूप से आयनिक यौगिक बनाता है। सहसंयोजक गुण न्यूनतम होता है, जो मुख्य रूप से अत्यधिक ध्रुवीकरण योग्य लिगेंड के साथ संकुलों में देखा जाता है।
  • लैंथेनाइड संकुचन: थूलियम लैंथेनाइड संकुचन का प्रभाव प्रदर्शित करता है, जिसके परिणामस्वरूप आवर्त सारणी में इसके ठीक बाद आने वाले तत्वों (जैसे हैफनियम) के लिए अपेक्षा से छोटी आयनिक त्रिज्या होती है, जो उनके रासायनिक गुणों को प्रभावित करती है।

महत्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रियाएँ

थूलियम एक मध्यम अभिक्रियाशील धातु है। इसकी अभिक्रियाएँ आमतौर पर Tm(III) यौगिकों के निर्माण की ओर ले जाती हैं।

वायु/ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया

थूलियम हवा में धीरे-धीरे धूमिल होता है और 150°C पर आसानी से जलकर थूलियम(III) ऑक्साइड बनाता है। 4 Tm(s) + 3 O₂(g) → 2 Tm₂O₃(s)

जल के साथ अभिक्रिया

थूलियम ठंडे पानी के साथ धीरे-धीरे और गर्म पानी के साथ अधिक तेज़ी से अभिक्रिया करके थूलियम(III) हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है। 2 Tm(s) + 6 H₂O(l) → 2 Tm(OH)₃(aq) + 3 H₂(g)

हैलोजनों के साथ अभिक्रिया

थूलियम सभी हैलोजनों (फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन) के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके संबंधित थूलियम(III) हैलाइड बनाता है। 2 Tm(s) + 3 F₂(g) → 2 TmF₃(s) (थूलियम(III) फ्लोराइड) 2 Tm(s) + 3 Cl₂(g) → 2 TmCl₃(s) (थूलियम(III) क्लोराइड) 2 Tm(s) + 3 Br₂(g) → 2 TmBr₃(s) (थूलियम(III) ब्रोमाइड) 2 Tm(s) + 3 I₂(g) → 2 TmI₃(s) (थूलियम(III) आयोडाइड)

अम्लों के साथ अभिक्रिया

थूलियम तनु खनिज अम्लों में आसानी से घुल जाता है और Tm(III) लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है। 2 Tm(s) + 3 H₂SO₄(aq) → Tm₂(SO₄)₃(aq) + 3 H₂(g) (थूलियम(III) सल्फेट) 2 Tm(s) + 6 HCl(aq) → 2 TmCl₃(aq) + 3 H₂(g) (थूलियम(III) क्लोराइड)

औद्योगिक और जैविक महत्व

औद्योगिक महत्व

  • लेज़र: थूलियम-डोप किए गए YAG (Tm:YAG) लेज़र एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग हैं। ये लेज़र 2-माइक्रोमीटर रेंज में प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जिसे पानी द्वारा तीव्रता से अवशोषित किया जाता है। यह गुण उन्हें चिकित्सा प्रक्रियाओं में अत्यधिक उपयोगी बनाता है, विशेष रूप से मूत्रविज्ञान (जैसे गुर्दे की पथरी के लिए लिथोट्रिप्सी, प्रोस्टेटेक्टोमी), त्वचाविज्ञान और नेत्र विज्ञान में, सटीक ऊतक एब्लेशन और न्यूनतम संपार्श्विक क्षति के कारण।
  • पोर्टेबल एक्स-रे उपकरण: रेडियोआइसोटोप थूलियम-170 (¹⁷⁰Tm) एक कॉम्पैक्ट और अपेक्षाकृत कम-ऊर्जा वाला गामा विकिरण स्रोत है। इसका उपयोग औद्योगिक सेटिंग्स में गैर-विनाशकारी परीक्षण के लिए पोर्टेबल एक्स-रे उपकरणों में और दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा निदान अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है जहां पारंपरिक एक्स-रे मशीनें अव्यावहारिक होती हैं।
  • सिरेमिक: थूलियम का उपयोग विशेष सिरेमिक और ग्लास में किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान अनुप्रयोगों के लिए या चुंबकीय सामग्री के रूप में उपयोग किए जाने वाले भी शामिल हैं।
  • चुंबकीय सामग्री: कुछ विशेष चुंबकीय मिश्र धातुओं में एक मामूली घटक।

जैविक महत्व

  • कोई ज्ञात जैविक भूमिका नहीं: मनुष्यों या अन्य जीवों में थूलियम की कोई ज्ञात आवश्यक जैविक भूमिका नहीं है।
  • विषाक्तता: अधिकांश भारी धातुओं की तरह, थूलियम यौगिकों को सावधानी से संभालना चाहिए। जबकि इसकी विषाक्तता को आमतौर पर कम माना जाता है, घुलनशील थूलियम यौगिकों का अंतर्ग्रहण या साँस लेना स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को जन्म दे सकता है।