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प्रोटैक्टिनियम (Pa) - तत्व संशोधन मार्गदर्शिका

By Periodic Table India
CBSE / JEE Prep Notes
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प्रोटैक्टिनियम (Pa) का परिचय

प्रोटैक्टिनियम (Pa) एक रासायनिक तत्व है जिसका परमाणु क्रमांक 91 है। यह एक सघन, चाँदी-भूरे रंग की धातु है जो ऑक्सीजन, जल वाष्प और अकार्बनिक अम्लों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया करती है। इसे मुख्य रूप से पृथ्वी की पपड़ी में इसकी अत्यधिक कमी और इसकी तीव्र रेडियोधर्मिता के कारण एक भारी और दुर्लभ तत्व के रूप में वर्गीकृत किया गया है। प्रोटैक्टिनियम एक्टिनाइड श्रृंखला के तत्वों में से एक है, जिनकी विशेषता 5f इलेक्ट्रॉन कोश का भरना है।

आवर्त सारणी में स्थान

  • परमाणु क्रमांक (Z): 91
  • समूह: आधिकारिक तौर पर किसी समूह को नहीं सौंपा गया (एक्टिनाइड प्रकृति के कारण अक्सर समूह 3 का हिस्सा माना जाता है, लेकिन सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था के आधार पर टैंटलम के नीचे एक छद्म-समूह 5 तत्व के रूप में अधिक सटीक रूप से रखा गया है)।
  • आवर्त: 7
  • ब्लॉक: f-ब्लॉक (एक्टिनाइड श्रृंखला)
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Rn] 5f^2 6d^1 7s^2 (मूल अवस्था, जहाँ [Rn] रेडॉन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को दर्शाता है)।

रेडियोधर्मिता और स्थायित्व

प्रोटैक्टिनियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है; इसके सभी ज्ञात समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं। यह सबसे अधिक रेडियोधर्मी और सबसे दुर्लभ प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्वों में से एक है।

  • सबसे स्थिर समस्थानिक: प्रोटैक्टिनियम-231 (^231Pa)
    • अर्ध-आयु (t_\{1/2\}): 32,760 वर्ष
    • क्षय का प्रकार: मुख्य रूप से अल्फा क्षय, एक्टिनियम-227 (^227Ac) में परिवर्तित होता है। ^231Pa -> ^227Ac + ^4He (अल्फा कण)
  • अन्य महत्वपूर्ण समस्थानिक:
    • प्रोटैक्टिनियम-234 (^234Pa) और प्रोटैक्टिनियम-234m (^234mPa): ये यूरेनियम-238 क्षय श्रृंखला में पाए जाने वाले अल्पकालिक क्षय उत्पाद हैं।
      • ^234Pa: अर्ध-आयु ~6.7 घंटे, बीटा क्षय से गुजरता है।
      • ^234mPa: अर्ध-आयु ~1.17 मिनट, बीटा क्षय से गुजरता है।
    • प्रोटैक्टिनियम-233 (^233Pa): अर्ध-आयु ~27 दिन, बीटा क्षय से गुजरता है। यह समस्थानिक थोरियम ईंधन चक्र में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती है।

प्रोटैक्टिनियम की उच्च रेडियोधर्मिता और विषाक्तता के लिए विशेष संचालन प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है और यह इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को सीमित करता है।

वैज्ञानिक महत्व

प्रोटैक्टिनियम, अपनी दुर्लभता और रेडियोधर्मिता के बावजूद, महत्वपूर्ण वैज्ञानिक महत्व रखता है:

  • क्षय श्रृंखला मध्यवर्ती: ^231Pa नेप्च्यूनियम क्षय श्रृंखला (^237Np श्रृंखला) का एक दीर्घकालिक सदस्य है, हालांकि यह प्राकृतिक यूरेनियम निक्षेपों में यूरेनियम-235 (^235U) के क्षय उत्पाद के रूप में अधिक सामान्यतः पाया जाता है। ^234Pa और ^234mPa यूरेनियम-238 क्षय श्रृंखला में प्रमुख मध्यवर्ती हैं।
  • भू-कालक्रम और समुद्र विज्ञान: ^231Pa और ^230Th (थोरियम-230) का अनुपात समुद्री अवसादों के कालनिर्धारण में उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से पिछली महासागर परिसंचरण पद्धतियों और जलवायु परिवर्तनों को समझने के लिए। यह तकनीक हजारों वर्षों के समय पैमाने पर होने वाली घटनाओं का अध्ययन करने के लिए मूल्यवान है।
  • नाभिकीय अनुसंधान: ^233Pa थोरियम ईंधन चक्र में एक मध्यवर्ती उत्पाद है। जब थोरियम-232 (^232Th) एक न्यूट्रॉन को अवशोषित करता है, तो यह ^233Th बनाता है, जो बीटा-क्षय होकर ^233Pa बनता है। फिर ^233Pa बीटा-क्षय होकर यूरेनियम-233 (^233U) बनाता है, जो एक विखंडनीय परमाणु ईंधन है। ^233Pa की रसायन विज्ञान थोरियम-आधारित परमाणु रिएक्टरों को समझने और अनुकूलित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • सामान्य अनुप्रयोगों का अभाव: अपनी अत्यधिक रेडियोधर्मिता, दुर्लभता और उच्च विषाक्तता के कारण, प्रोटैक्टिनियम का कोई वाणिज्यिक या औद्योगिक अनुप्रयोग नहीं है। इसकी प्राथमिक उपयोगिता विशेष वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक ही सीमित है। इसका उत्पादन आमतौर पर मिलीग्राम पैमाने पर होता है, जो खर्च किए गए परमाणु ईंधन या यूरेनियम अयस्कों के प्रसंस्करण से प्राप्त होता है।
Pa

Protactinium (Pa)

Atomic Number 91

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