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रिवीजन गाइड: जिंक (Zn) के महत्वपूर्ण यौगिक

By Periodic Table India
CBSE / JEE Prep Notes
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जिंक के प्रमुख यौगिकों का परिचय

जिंक (Zn) एक d-ब्लॉक तत्व है, जो मुख्य रूप से अपने यौगिकों में +2 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है। इसके यौगिकों का उपयोग विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं, चिकित्सा में और रसायन विज्ञान में अभिकर्मकों के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है। उच्च विद्यालय की परीक्षाओं में आमतौर पर परखे जाने वाले जिंक के प्रमुख यौगिकों में जिंक ऑक्साइड, जिंक सल्फेट और जिंक हाइड्रॉक्साइड शामिल हैं, ये सभी विशिष्ट रासायनिक गुण और अनुप्रयोग प्रदर्शित करते हैं।

जिंक ऑक्साइड (ZnO)

जिंक ऑक्साइड जिंक के सबसे महत्वपूर्ण अकार्बनिक यौगिकों में से एक है।

रासायनिक सूत्र

ZnO

सामान्य नाम

जिंक व्हाइट, फिलॉसफर्स वूल

प्रयोगशाला में तैयारी

  1. जिंक कार्बोनेट को गर्म करके: जब जिंक कार्बोनेट को गर्म किया जाता है, तो यह विघटित होकर जिंक ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। ZnCO₃(s) \xrightarrow\{\Delta\} ZnO(s) + CO₂(g)

  2. जिंक धातु को हवा में गर्म करके (औद्योगिक विधि): गर्म करने पर जिंक धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके जिंक ऑक्साइड बनाती है। 2Zn(s) + O₂(g) \xrightarrow\{\Delta\} 2ZnO(s)

गुण और अभिक्रियाएं

  • दिखावट: कमरे के तापमान पर सफेद ठोस, गर्म करने पर पीला हो जाता है, और ठंडा करने पर वापस सफेद हो जाता है (थर्मोक्रोमिज्म)।
  • उभयधर्मी प्रकृति: जिंक ऑक्साइड अम्ल और प्रबल क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
    • अम्लों के साथ अभिक्रिया: ZnO(s) + 2HCl(aq) \rightarrow ZnCl₂(aq) + H₂O(l)
    • प्रबल क्षारों के साथ अभिक्रिया (जैसे, सोडियम हाइड्रॉक्साइड): ZnO(s) + 2NaOH(aq) + H₂O(l) \rightarrow Na₂[Zn(OH)₄](aq) (सोडियम टेट्राहाइड्रॉक्सोज़िंकट(II)) वैकल्पिक रूप से, सांद्रित परिस्थितियों में: ZnO(s) + 2NaOH(aq) \rightarrow Na₂ZnO₂(aq) + H₂O(l) (सोडियम जिंकट)
  • अपचयन: उच्च तापमान पर कार्बन द्वारा जिंक धातु में अपचयित किया जा सकता है। ZnO(s) + C(s) \xrightarrow\{\Delta\} Zn(s) + CO(g)

जिंक सल्फेट (ZnSO₄·7H₂O)

जिंक सल्फेट जिंक का एक सामान्य लवण है, जिसका उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में व्यापक रूप से होता है।

रासायनिक सूत्र

ZnSO₄·7H₂O (हेप्टाहाइड्रेट, जिसे आमतौर पर व्हाइट विट्रियल के नाम से जाना जाता है) निर्जल रूप: ZnSO₄

तैयारी प्रक्रिया

  1. जिंक धातु और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से: जिंक धातु तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनाती है। Zn(s) + H₂SO₄(aq) \rightarrow ZnSO₄(aq) + H₂(g)

  2. जिंक ऑक्साइड और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से: जिंक ऑक्साइड तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके जिंक सल्फेट और पानी देता है। ZnO(s) + H₂SO₄(aq) \rightarrow ZnSO₄(aq) + H₂O(l)

गुण और परीक्षा-संबंधित अभिक्रियाएं

  • दिखावट: सफेद क्रिस्टलीय ठोस, उत्फुल्ल (हवा के संपर्क में आने पर क्रिस्टलीकरण का पानी खो देता है)।
  • तापीय अपघटन:
    • गर्म करने पर, हेप्टाहाइड्रेट अपने क्रिस्टलीकरण का पानी खोकर निर्जल जिंक सल्फेट बनाता है। ZnSO₄·7H₂O(s) \xrightarrow\{\Delta, \text\{ ~280°C\}\} ZnSO₄(s) + 7H₂O(g)
    • निर्जल जिंक सल्फेट को और अधिक प्रबलता से गर्म करने पर यह जिंक ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन में अपघटित हो जाता है। 2ZnSO₄(s) \xrightarrow\{\Delta, \text\{ ~750°C\}\} 2ZnO(s) + 2SO₂(g) + O₂(g)
  • क्षारों के साथ अभिक्रिया: जब जिंक सल्फेट के घोल में क्षार मिलाया जाता है, तो जिंक हाइड्रॉक्साइड का सफेद अवक्षेप बनता है। ZnSO₄(aq) + 2NaOH(aq) \rightarrow Zn(OH)₂(s) + Na₂SO₄(aq) यह अवक्षेप उभयधर्मी होता है और अतिरिक्त प्रबल क्षार में घुलनशील संकुल बनाने के लिए घुल जाता है: Zn(OH)₂(s) + 2NaOH(aq) \rightarrow Na₂[Zn(OH)₄](aq) (सोडियम टेट्राहाइड्रॉक्सोज़िंकट(II))
  • गुणात्मक विश्लेषण (Zn²⁺ आयनों के लिए परीक्षण):
    • अमोनियम हाइड्रॉक्साइड के साथ: जिंक सल्फेट के घोल में अमोनियम हाइड्रॉक्साइड मिलाने पर जिंक हाइड्रॉक्साइड का एक सफेद जिलेटिनस अवक्षेप बनता है, जो अतिरिक्त अमोनियम हाइड्रॉक्साइड में घुलनशील टेट्राएमिनेज़िंक(II) संकुल बनाने के लिए घुल जाता है। ZnSO₄(aq) + 2NH₄OH(aq) \rightarrow Zn(OH)₂(s) + (NH₄)₂SO₄(aq) Zn(OH)₂(s) + 4NH₄OH(aq) \rightarrow [Zn(NH₃)₄](OH)₂(aq) + 4H₂O(l)
    • हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) के साथ: अम्लीय माध्यम में कोई अवक्षेप नहीं। क्षारीय या अमोनियाई माध्यम में, जिंक सल्फाइड (ZnS) का एक सफेद अवक्षेप बनता है। Zn²⁺(aq) + H₂S(g) + 2NH₄OH(aq) \rightarrow ZnS(s) + 2NH₄⁺(aq) + 2H₂O(l)

जिंक हाइड्रॉक्साइड (Zn(OH)₂)

जिंक हाइड्रॉक्साइड जिंक का एक महत्वपूर्ण उभयधर्मी हाइड्रॉक्साइड है।

रासायनिक सूत्र

Zn(OH)₂

तैयारी

  1. जिंक लवण के घोल में घुलनशील क्षार मिलाकर: जब किसी जिंक लवण (जैसे, जिंक क्लोराइड, जिंक सल्फेट) के घोल में सोडियम हाइड्रॉक्साइड या अमोनियम हाइड्रॉक्साइड जैसा घुलनशील क्षार मिलाया जाता है, तो जिंक हाइड्रॉक्साइड का एक सफेद जिलेटिनस अवक्षेप बनता है। ZnCl₂(aq) + 2NaOH(aq) \rightarrow Zn(OH)₂(s) + 2NaCl(aq) ZnSO₄(aq) + 2NH₄OH(aq) \rightarrow Zn(OH)₂(s) + (NH₄)₂SO₄(aq)

गुण और अभिक्रियाएं

  • दिखावट: सफेद जिलेटिनस अवक्षेप।
  • उभयधर्मी प्रकृति: जिंक हाइड्रॉक्साइड अम्ल और प्रबल क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
    • अम्लों के साथ अभिक्रिया: Zn(OH)₂(s) + 2HCl(aq) \rightarrow ZnCl₂(aq) + 2H₂O(l)
    • प्रबल क्षारों के साथ अभिक्रिया (जैसे, अतिरिक्त NaOH): Zn(OH)₂(s) + 2NaOH(aq) \rightarrow Na₂[Zn(OH)₄](aq) (सोडियम टेट्राहाइड्रॉक्सोज़िंकट(II), घुलनशील)
    • अमोनिया के साथ अभिक्रिया (अतिरिक्त NH₄OH): Zn(OH)₂(s) + 4NH₄OH(aq) \rightarrow [Zn(NH₃)₄](OH)₂(aq) + 4H₂O(l) (टेट्राएमिनेज़िंक(II) हाइड्रॉक्साइड, घुलनशील संकुल)

तुलनात्मक गुण: प्रमुख जिंक यौगिक

यौगिकरासायनिक सूत्रप्रकृतिघुलनशीलता (पानी में)मुख्य विशेषताएँ
जिंक ऑक्साइडZnOउभयधर्मीअघुलनशीलसफेद ठोस, गर्म करने पर पीला हो जाता है; वर्णक
जिंक सल्फेटZnSO₄·7H₂O (हाइड्रेट)प्रबल अम्ल/क्षार का लवणघुलनशीलव्हाइट विट्रियल; उत्फुल्ल; Zn²⁺ आयनों का स्रोत
जिंक हाइड्रॉक्साइडZn(OH)₂उभयधर्मीअघुलनशील (अवक्षेप)सफेद जिलेटिनस अवक्षेप; अतिरिक्त क्षार/अमोनिया में घुल जाता है
जिंक क्लोराइडZnCl₂अम्लीय (जलीय)अत्यधिक घुलनशीलप्रस्वेदी; लुईस अम्ल; सोल्डरिंग में फ्लक्स के रूप में उपयोग किया जाता है