टेनेसीन (Ts)
टेनेसीन: टेनेसी की अतिभारी धातु
टेनेसीन एक कृत्रिम, अत्यधिक रेडियोधर्मी तत्व है जो केवल एक सेकंड के अंश के लिए ही अस्तित्व में रहता है। 117 परमाणु क्रमांक के साथ, यह आवर्त सारणी के सबसे भारी तत्वों में से एक है। इसका नाम टेनेसी राज्य के सम्मान में रखा गया है, जहाँ प्रमुख अनुसंधान प्रयोगशालाएँ स्थित हैं जिन्होंने इसकी खोज को संभव बनाया।
एक मानव निर्मित तत्व
टेनेसीन प्रकृति में नहीं पाया जाता—इसे केवल प्रयोगशाला में ही बनाया जा सकता है।
वैज्ञानिकों ने इसे एक कण त्वरक में कैल्शियम-48 आयनों से बर्केलियम-249 तत्व पर बमबारी करके बनाया।
नाभिक आपस में जुड़कर इस नए, अतिभारी तत्व के परमाणु बनाते हैं।
इसका सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाला समस्थानिक क्षय होने से पहले केवल 80 मिलीसेकंड तक रहता है!
जैविक भूमिका और उपयोग
चूँकि टेनेसीन अत्यंत दुर्लभ और अल्पकालिक है, इसलिए अनुसंधान के अलावा इसका कोई व्यावहारिक उपयोग नहीं है। इसकी कोई जैविक भूमिका नहीं है और इसकी तीव्र रेडियोधर्मिता के कारण इसे विषैला माना जाता है।
इसका महत्व वैज्ञानिकों को अतिभारी तत्वों का अध्ययन करने और आवर्त सारणी की सीमाओं का परीक्षण करने में मदद करने में निहित है।
खोज का इतिहास
2010 - पहला संश्लेषण: रूस (डबना) और संयुक्त राज्य अमेरिका (ओक रिज और लॉरेंस लिवरमोर प्रयोगशाला) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने टेनेसीन का सफलतापूर्वक निर्माण किया। ओक रिज पर बर्केलियम लक्ष्य का निर्माण एक बड़ी चुनौती थी और इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
2015 - पुष्टि: इस खोज की आधिकारिक पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान संघ (IUPAC) द्वारा की गई।
2016 - नामकरण: टेनेसी स्थित अनुसंधान संस्थानों के योगदान के सम्मान में इस तत्व का नाम टेनेसीन (Ts) रखा गया।