यूरेनियम (U)
यूरेनियम (U): परमाणु युग का महाशक्ति
यूरेनियम एक चांदी जैसी, रेडियोधर्मी धातु है जिसने ऊर्जा उत्पादन और आधुनिक इतिहास, दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को ऊर्जा प्रदान करने वाले ईंधन और पहले परमाणु बमों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के रूप में जाना जाता है। इसका नाम यूरेनस ग्रह के नाम पर पड़ा है, जिसकी खोज यूरेनियम से कुछ वर्ष पहले ही हुई थी।
यूरेनियम क्यों उपयोगी है?
यूरेनियम का महत्व इसकी परमाणु विखंडन क्षमता में निहित है—इसके परमाणु विखंडित होकर भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त कर सकते हैं।
परमाणु ऊर्जा: प्राकृतिक यूरेनियम में अधिकांशतः यूरेनियम-238 होता है, लेकिन लगभग 1% यूरेनियम-235 होता है, जो प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एकमात्र समस्थानिक है जो श्रृंखला अभिक्रिया को बनाए रख सकता है। संवर्धित यूरेनियम, जिसमें यूरेनियम-235 की मात्रा अधिक होती है, का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में बिजली उत्पादन के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है।
सैन्य उपयोग: यूरेनियम परमाणु पनडुब्बियों को शक्ति प्रदान करता है और इसका उपयोग परमाणु हथियारों में भी किया जाता था।
नए तत्वों का निर्माण: यूरेनियम परमाणु रिएक्टरों में ट्रांसयूरेनियम तत्वों (यूरेनियम से भारी) के निर्माण का प्रारंभिक बिंदु है।
क्षीण यूरेनियम: संवर्धन के बाद, बचा हुआ यूरेनियम (अधिकांशतः यूरेनियम-238) कम रेडियोधर्मी होता है, लेकिन अत्यधिक सघन होता है। इसका उपयोग विमान के प्रतिभार, जहाज के गिट्टी, गोला-बारूद और टैंक कवच में किया जाता है।
जैविक भूमिका और प्राकृतिक प्रचुरता
यूरेनियम की कोई जैविक भूमिका नहीं है और यह विषैला होता है।
यह पिचब्लेंड (यूरेनाइट) जैसे खनिजों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और पूरी दुनिया में पाया जाता है। हर साल, लगभग 41,000 टन यूरेनियम का खनन किया जाता है, फिर इसे येलोकेक नामक सांद्रित रूप में परिष्कृत किया जाता है। इस शुद्ध धातु को कैल्शियम या एल्युमीनियम के साथ यूरेनियम यौगिकों को अपचयन करके निकाला जा सकता है।
खोज का इतिहास
1789 - खोज: जर्मन रसायनज्ञ मार्टिन हेनरिक क्लैप्रोथ ने पिचब्लेंड का अध्ययन करते हुए यूरेनियम की खोज की। उन्हें एहसास हुआ कि यह एक नया तत्व है, लेकिन वे शुद्ध धातु को अलग नहीं कर पाए।
1841 - शुद्ध धातु: फ्रांसीसी रसायनज्ञ यूजीन पेलिगॉट यूरेनियम को उसके धात्विक रूप में अलग करने वाले पहले व्यक्ति थे।
1896 - रेडियोधर्मिता: फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी हेनरी बेक्वेरेल ने खोज की कि यूरेनियम अदृश्य किरणें उत्सर्जित करता है जो अंधेरे में भी एक फोटोग्राफिक प्लेट को धुंधला कर सकती हैं। यह रेडियोधर्मिता का पहला अवलोकन था, जिसने परमाणु भौतिकी के क्षेत्र की शुरुआत की।