मेंडेलेवियम: एक कृत्रिम तत्व
मेंडेलेवियम (Md), जिसका परमाणु क्रमांक 101 है, एक कृत्रिम ट्रांसयूरेनियम तत्व है। यह संश्लेषित होने वाला नौवां ट्रांसयूरेनियम तत्व था और इसका नाम आवर्त सारणी के जनक दिमित्री मेंडेलेव के सम्मान में रखा गया है। एक कृत्रिम तत्व होने के कारण, यह पृथ्वी पर स्वाभाविक रूप से नहीं पाया जाता है।
खोज और संश्लेषण
मेंडेलेवियम को पहली बार 1955 में कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में ग्लेन टी. सीबॉर्ग के नेतृत्व वाली एक टीम द्वारा संश्लेषित किया गया था। इस खोज में 60 इंच के साइक्लोट्रॉन का उपयोग करके आइंस्टीनियम-253 पर अल्फा कणों (हीलियम नाभिक) की बमबारी करना शामिल था। इस अभिक्रिया से मेंडेलेवियम-256 और न्यूट्रॉन उत्पन्न हुए। यह अभूतपूर्व प्रयोग महत्वपूर्ण था क्योंकि यह पहली बार था जब किसी तत्व की पहचान तब की गई थी जब उसके केवल कुछ परमाणु ही उत्पन्न हुए थे। प्रति प्रयोग मेंडेलेवियम के केवल एक से दो परमाणु ही बनाए गए थे, जो इसके उत्पादन की अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति को दर्शाता है।
गुण और विशेषताएँ
मेंडेलेवियम एक एक्टिनाइड तत्व है। मेंडेलेवियम के सभी ज्ञात समस्थानिक रेडियोधर्मी होते हैं और उनका अर्ध-जीवनकाल अत्यंत छोटा होता है। उदाहरण के लिए, सबसे स्थिर समस्थानिक, मेंडेलेवियम-258, का अर्ध-जीवनकाल लगभग 51 दिन है, जबकि कई अन्य समस्थानिकों का अर्ध-जीवनकाल मिनटों से लेकर कुछ सेकंड तक होता है। इसकी रेडियोधर्मिता और तीव्र क्षय का अर्थ है कि कोई भी उत्पादित परमाणु अन्य तत्वों में बदलने से पहले केवल बहुत कम अवधि के लिए ही मौजूद रहते हैं। उत्पन्न होने वाली सूक्ष्म मात्राओं और इसकी अत्यधिक अस्थिरता के कारण, इसके रासायनिक गुणों का अध्ययन मुख्य रूप से ट्रेसर तकनीकों के माध्यम से किया गया है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि यह जलीय घोल में एक स्थिर +3 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है, जो एक्टिनाइड श्रृंखला की विशेषता है।
पृथ्वी पर प्राकृतिक उपलब्धता
मेंडेलेवियम पृथ्वी पर स्वाभाविक रूप से नहीं पाया जाता है। यह एक ट्रांसयूरेनियम तत्व है, जिसका अर्थ है कि इसका परमाणु क्रमांक यूरेनियम (92) से अधिक है। यूरेनियम से परे के तत्व स्वाभाविक रूप से अस्थिर होते हैं और समय के साथ रेडियोधर्मी क्षय से गुजरते हैं। प्लूटोनियम (94) से अधिक परमाणु क्रमांक वाले तत्वों का अर्ध-जीवनकाल आमतौर पर इतना छोटा होता है कि पृथ्वी के निर्माण के तुरंत बाद कोई भी आदिम मात्रा पूरी तरह से क्षय हो गई होती। इसलिए, मेंडेलेवियम को केवल प्रयोगशालाओं में कण त्वरक का उपयोग करके परमाणु बमबारी अभिक्रियाओं के माध्यम से कृत्रिम रूप से बनाया जा सकता है।
रोज़मर्रा के उपयोग और औद्योगिक अनुप्रयोग
अपनी कृत्रिम प्रकृति, अत्यधिक रेडियोधर्मिता और बहुत कम अर्ध-जीवनकाल के कारण, मेंडेलेवियम के कोई सामान्य, रोज़मर्रा के उपयोग या औद्योगिक अनुप्रयोग नहीं हैं। इसे एक समय में केवल कुछ परमाणुओं की मात्रा में उत्पादित किया जाता है, विशेष रूप से मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए। इसका प्राथमिक उपयोग इसके परमाणु और रासायनिक गुणों के अध्ययन में निहित है, जो एक्टिनाइड श्रृंखला और आवर्त सारणी की सीमाओं को समझने में योगदान देता है। मेंडेलेवियम के किसी भी उद्योग में कोई ज्ञात व्यावहारिक अनुप्रयोग नहीं हैं, जिसमें भारत या विश्व स्तर पर शामिल हैं, क्योंकि इसका उत्पादन अनुसंधान सुविधाओं तक सीमित है, और इसकी अस्थिरता किसी भी सामग्री या ऊर्जा-संबंधी उपयोग को रोकती है। परिणामस्वरूप, भारत या किसी अन्य राष्ट्र के संदर्भ में इसके निष्कर्षण या विशिष्ट औद्योगिक अनुप्रयोगों पर चर्चा करने के लिए कोई प्रक्रिया नहीं है।