सेलेनियम का परिचय
कल्पना कीजिए एक ऐसे तत्व की जो केवल प्रकाश को महसूस करके अपनी विद्युत चालकता बदलने की क्षमता रखता है! यही है सेलेनियम (Se), एक आकर्षक रासायनिक तत्व। यह आवर्त सारणी के समूह 16 से संबंधित एक अधातु है, जो अक्सर विभिन्न रूपों में पाया जाता है, जैसे कि लाल पाउडर या एक चमकदार ग्रे ठोस। सेलेनियम को एक ट्रेस तत्व माना जाता है, जिसका अर्थ है कि जीवित चीजों को इसकी बहुत कम मात्रा की आवश्यकता होती है।
सेलेनियम की खोज
सेलेनियम की खोज की कहानी 1817 में स्वीडन में घटित हुई। जोन्स जैकब बर्ज़ेलियस नामक एक रसायनज्ञ सल्फ्यूरिक एसिड बनाने वाले एक कारखाने की जांच कर रहे थे। उन्होंने प्रक्रिया के दौरान एक लाल-भूरा तलछट पाया, जिसे उन्होंने शुरू में टेल्यूरियम, एक अन्य तत्व समझ लिया था। आगे के अध्ययन पर, बर्ज़ेलियस ने महसूस किया कि यह अपने अद्वितीय गुणों वाला एक पूरी तरह से नया तत्व था। इसने रसायन विज्ञान की दुनिया में सेलेनियम के परिचय को चिह्नित किया।
नाम की उत्पत्ति
बर्ज़ेलियस ने ‘सेलेनियम’ नाम इसलिए चुना क्योंकि इसका टेल्यूरियम के साथ घनिष्ठ संबंध था। ‘टेलस’ पृथ्वी के लिए लैटिन शब्द है, और टेल्यूरियम का नाम पहले ही पृथ्वी से खनिजों में इसकी खोज के कारण रखा गया था। चूंकि सेलेनियम रासायनिक रूप से टेल्यूरियम के समान था और अक्सर प्रकृति में इसके साथ पाया जाता था, बर्ज़ेलियस ने नए तत्व का नाम आकाश में पृथ्वी के साथी: चंद्रमा के नाम पर रखने का फैसला किया। ग्रीक पौराणिक कथाओं में, ‘सेलीन’ चंद्रमा की देवी है। इसलिए, सेलेनियम का शाब्दिक अर्थ है ‘चंद्रमा से’।
सेलेनियम के बारे में त्वरित तथ्य
यहां सेलेनियम के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य दिए गए हैं:
- प्रकाश संवेदनशीलता: सेलेनियम एक फोटोकंडक्टर है, जिसका अर्थ है कि जब प्रकाश इस पर चमकता है तो इसकी विद्युत चालकता काफी बढ़ जाती है। इस गुण ने इसे शुरुआती फोटोकॉपियर, फोटोग्राफिक लाइट मीटर और सौर सेल में बहुत उपयोगी बना दिया।
- रंग-बिरंगे अपररूप: सेलेनियम कई अलग-अलग रूपों में मौजूद हो सकता है, जिन्हें अपररूप (allotropes) कहा जाता है, जिनमें से प्रत्येक के अलग-अलग भौतिक गुण होते हैं। एक सामान्य रूप एक लाल अनाकार (गैर-क्रिस्टलीय) पाउडर है, जो गर्म करने पर एक चमकदार, धात्विक ग्रे, क्रिस्टलीय रूप में बदल सकता है।
- आवश्यक ट्रेस तत्व: मनुष्यों और जानवरों के लिए, सेलेनियम एक आवश्यक ट्रेस तत्व है, जो विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से उन एंजाइमों में जो कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं। यह कुछ खाद्य पदार्थों जैसे नट्स (उदा. ब्राजील नट्स), अनाज और समुद्री भोजन में पाया जाता है। भारत के कुछ क्षेत्रों में, मिट्टी में सेलेनियम का स्तर भिन्न हो सकता है, जो स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली फसलों में सेलेनियम सामग्री को प्रभावित करता है।
- औद्योगिक अनुप्रयोग: इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा, सेलेनियम का उपयोग रूबी लाल कांच और तामचीनी के निर्माण में, एक वर्णक (pigment) के रूप में, और कुछ रेक्टिफायर (जो प्रत्यावर्ती धारा को दिष्ट धारा में परिवर्तित करते हैं) में किया जाता है।
- प्राकृतिक घटना: सेलेनियम आमतौर पर प्रकृति में शुद्ध तत्व के रूप में नहीं पाया जाता है। इसके बजाय, यह विभिन्न खनिजों में होता है, अक्सर तांबे, सीसा और चांदी जैसी अन्य धातुओं के सल्फाइड अयस्कों के साथ, जिन्हें दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खनन किया जाता है, जिसमें भारत में महत्वपूर्ण खनिज भंडार वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।